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साम्ब शंकर की आरती

।। आरती ।।                               आर्त अर्थात हृदय की गहराईयों से निकली आवाज , दु:ख के उन असीम क्षणों मे यकायक बरबस निकली आऽऽवाज । जैसे गजेन्द्र के मगर द्वारा पैर पकडे ...