कुछ ग्रहों के उपाय
●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬● ❗❗ *आचार्य रुद्रेश्वरन* ❗❗ ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬● 👉🏻 प्रिय पाठकों------- 1- शनि मुद्रिका (शनिवार के दिन) शनि मंत्र का जाप करते हुये धारण करें। काले घोडे की नाल या नव की किल से बनी होनी चाहिए यह शनि मुद्रिका/अंगूठी… —– काले घोडे की नाल प्राप्त कर घर के मुख्य दरवाजे के ऊपर लगायें। 2 -बीसा यंत्र मे नीलम जडकर धारण करें। शनि यंत्र को शनिवार के दिन, शनि की होरा में अष्टगंध में भोजपत्र पर बनाकर उडद के आटे से दीपक बनाकर उसमें तेल डालकर दीप प्रज्जवलित करें। फिर शनि मंत्र का जाप करते हुये यंत्र पर खेजडी के फुल पत्र अर्पित करें। तत्पश्चात इसे धारण करने से राहत मिलती हैं। 3- उडद के आटे की रोटी बनाकर उस पर तेल लगायें। फिर कुछ उडद के दाने उस पर रखें। अब रोगी के उपर से सात बार उसारकर शमशान में उसे रख आयें। घर से निकालते समय व वापिस घर आते समय पीछे कदापि नही देखें एवं न ही इस अवधि में किसी से बात करें। ऐसा प्रयोग 21 दिन करने से राहत मिलती है। पूरी राहत/आराम न मिलने की स्थिति में इसे बढाकर 43 या 73 दिन तक बिना नागा करें। केवल पुरू...