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गुप्त सिद्धकुंजिका वीसा यंत्र

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‘कुंजिका स्तोत्र’ और ‘बीसा यन्त्र’ ‘कुंजिका स्तोत्र’ और ‘बीसा यन्त्र’ का अनुभूत अनुष्ठान प्राण-प्रतिष्ठा करने के पर्व चन्द्र ग्रहण, सूर्य ग्रहण, दीपावली के तीन दिन (धन तेरस, चर्तुदशी, अमावस्या), रवि-पुष्य योग, रवि-मूल योग तथा महानवमी के दिन ‘रजत-यन्त्र’ की प्राण प्रतिष्ठा, पूजादि विधान करें। इनमे से जो समय आपको मिले, साधना प्रारम्भ करें। 41 दिन तक विधि-पूर्वक पूजादि करने से सिद्धि होती है। 42 वें दिन नहा-धोकर अष्टगन्ध (चन्दन, अगर, केशर, कुंकुम, गोरोचन, शिलारस, जटामांसी तथा कपूर) से स्वच्छ 41 यन्त्र बनाएँ। पहला यन्त्र अपने गले में धारण करें। बाकी आवश्यकतानुसार बाँट दें। प्राण-प्रतिष्ठा विधि सर्व-प्रथम किसी स्वर्णकार से 15 ग्राम का तीन इंच का चौकोर चाँदी का पत्र (यन्त्र) बनवाएँ। अनुष्ठान प्रारम्भ करने के दिन ब्राह्म-मुहूर्त्त में उठकर, स्नान करके सफेद धोती-कुरता पहनें। कुशा का आसन बिछाकर उसके ऊपर मृग-छाला बिछाएँ। यदि मृग छाला न मिले, तो कम्बल बिछाएँ, उसके ऊपर पूर्व को मुख कर बैठ जाएँ। अपने सामने लकड़ी का पाटा रखें। पाटे पर लाल कपड़ा बिछाकर उस पर एक थाली (स्टील की नह...

डामर तंत्र संपुर्ण कुंजिका स्त्रोत पाठ विधी

संपुर्ण कुंजिका स्त्रोत पाठ विधी सम्पूर्ण दुर्गा सप्तशती पाठ के समान फलदायी है सिद्ध कुंजिकास्तोत्र- अद्भुत प्रभाव वाला है यह सिद्ध कुंजिका स्तोत्रः सिद्धकुंजिका स्तोत्र को आप पावरहाउस समझ सकते हैं। यदि विधि-विधान से इसकी सिद्धि कर ली तो आपमें बहुत से चमत्कारी प्रभाव दिखने लगेंगे। मात्र 21 दिनों में इसकी साधना की एक सरलतम विधि जानिए। सिद्ध कुंजिका स्तोत्र की साधना किसी भी नवरात्रि से या किसी भी माह की दुर्गाष्टमी से शुरू की जा सकती है। -प्रातः उठकर स्नान आदि के बाद शुद्ध वस्त्र धारण करें कोई लाल वस्त्र जरूर रखें। -आसन बिछाकर पूर्व दिशा की मुंह करके बैठ जाएं और सामने भगवती का कल्याणकारी चित्र स्थापित कर दें जिसमें माता शेर पर सवार हैं। -फिर दुर्गा यंत्र यदि हो तो उसे जल से स्नान कराकर, विधिवत पूजा करके स्थापित कर दें। -उस पर कुंकुम, अक्षत, लाल पुष्प चढाएं, घी का दीपक व धूपबत्ती लगा देँ। -फिर सिद्ध कुंजिकास्त्रोत्र का रोज 108 बार पाठ लगातार 21 दिन तक करें। -फिर 21वें दिन पाठ समाप्त कर एक, तीन, पांच या नौ कुमारी कन्याओं को भोजन कराएं और यथोचित वस्त्र दक्षिणा आदि दें। -साधना के दौरान पूर्ण...