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गोगा जाहरवीर की जड़ी

●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●         ❗❗ *आचार्य रुद्रेश्वरन* ❗❗ ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬● 👉🏻 प्रिय पाठकों-------  गोगा जाहरवीर जी की छड़ी का बहुत महत्त्व होता है और जो साधक छड़ी की साधना नहीं करता उसकी साधना अधूरी ही मानी जाती है क्योंकि मान्यता के अनुसार जाहरवीर जी के वीर छड़ी में निवास करते है !  सिद्ध छड़ी पर नाहरसिंह वीर , सावल सिंह वीर , रख्ता वीर आदि अनेकों वीरों का पहरा रहता है !छड़ी लोहे की सांकले होती है जिसपर एक मुठा लगा होता है ! जब तक गोगा जाहरवीर जी की माड़ी में अथवा उनके जागरण में छड़ी नहीं होती तब तक वीर हाजिर नहीं होते , ऐसी प्राचीन मान्यता है ! ठीक इसी प्रकार जब तक गोगा जाहरवीर जी की माड़ी अथवा जागरण में चिमटा नहीं होता तब तक गुरु गोरखनाथ सहित नवनाथ हाजिर नहीं होते ! ड़ी अक्सर घर में ही रखी जाती है और उसकी पूजा की जाती है ! केवल सावन और भादो के महीने में छड़ी निकाली जाती है और छड़ी को नगर में फेरी लगवाई जाती है , इससे नगर में आने वाले सभी संकट शांत हो जाते है ! जाहरवीर के भक्त दाहिने कन्धे पर छड़ी रखकर फेरी लगवाते है ! छड़ी को अक्सर लाल अथवा भगवे रंग के वस्त्र पर रखा जा...

देह रक्षा

●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●         ❗❗ *आचार्य रुद्रेश्वरन* ❗❗ ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬● 👉🏻 प्रिय पाठकों-------  देह रक्षा शाबर मंत्र  ~~~~~ सिद्ध करने की विधिः निम्न मन्त्रों को किसी भी शनिवार या मंगलवार को हनुमान जी विषयक नियमो का पालन करके 3 माला प्रतिदिन  11 दिन तक करें। आवश्यकः माला जप रुद्राक्ष की माला से करें। आसन लाल, तेल का दिया, लाल वस्त्र, सिंदूर का टीका, एवं हनुमान जी को दो लड्डू चढ़ाएं उपयोग: इनको सिद्ध कर ले फिर 9 या 11 बार पढकर  क) अपने शरीर पर फूंक मारे व दोनों हाथो को पुरे शरीर पर फेरें ! इससे आपकी रक्षा होगी कोई भी शक्ति आप को नुकसान नही पहुंचाएगी। ख) आधा गिलास जल में 11 बार फूंक मार कर जल को पीये, पूर्ण रुप से सुरक्षा शरीर की बनी रहेगी। ( मंत्र को बोलकर गिलास में फूंक लगाएं यह प्रक्रिया 11 बार अपनाएं इस तरह जल अभिमंत्रित हो जाएगा) मंत्रः ~~ १) ।। उत्तर बांधो, दक्खिन बांधो, बांधो मरी मसानी , डायन भूत के गुण बांधो, बांधो कुल परिवार , नाटक बांधो, चाटक बांधो, बांधो भुइयां बैताल ! नजर गुजर देह बांधो, राम दुहाई फेरों वाचा ,शब्द सांचा पिंड काचा, फुरो ...

दस महाविद्या शाबर मन्त्र

दस महाविद्या शाबर मन्त्र सत नमो आदेश । गुरुजी को आदेश । ॐ गुरुजी । ॐ सोऽहं सिद्ध की काया, तीसरा नेत्र त्रिकुटी ठहराया । गगन मण्डल में अनहद बाजा।  वहाँ देखा शिवजी बैठा, गुरु ह...