महादेवाराधान
।। महादेवाराधन ।। स्कन्द पुराण मे महादेव आराधना के अनेको प्रकार बताये गये हैं । मुख्यत: महादेव दर्शन के तीन उपाय कहे गये हैं :- - श्रद्धापूर्वक ज्ञान , तपस्या और योग । मनसा ( मन - बुद्धि से ) , वाचा ( वाणी से ) और कर्मणा ( क्रिया से ) - महादेव की सर्वोत्तम आराधना कही गयी है । मानसिक , वाचिक और कायिक के अतिरिक्त लौकिकी , वैदिकी , और आध्यात्मिक भक्ति के ये तीन प्रकार कहे गये हैं । ( १ ) मानसिक भक्ति - ध्यान , धारणा , बुद्धि द्वारा महादेव के स्वरूप का स्मरण । ( २ ) वाचिक भक्ति - स्तुति , कीर्तन , मंगलाचरण के द्वारा की गयी भक्ति । ( ३ ) कायिक भक्ति - व्रत , स्नान , यम , नियम , आदि । - गौ दुग्ध , घृत , दधि , माल्य , सुगंधि , चन्दन , नृत्य , वाद्य , भोज्य , अक्षत , आदि पदार्थों द्वारा की गयी भक्ति ' लौकिक भक्ति ' कही गयी है । - वेदमन्त्रो से हविष्यान्न , आहुति आदि से की गयी यजन क्रिया ' वैदिक भक्ति ' कही गयी है । - यौगिक एवं सांख्यिकी ये दो प्रकार आध्यात्मिक भक्ति के प्रकार हैं । प्राणायाम , इन्द्रिय संयम , यम-योगादि यौगिक तथा साँख्य मतानुसार महादेव के स्वरूप का चिंतन ' आ...