व्रह्मा के 30 दिन कल्पों के नाम
काल का एक विभाग जिसे ब्रह्मा का एक दिन कहते हैं और जिसमें १४ मन्वंतर या ४३२००००००० वर्ष होते हैं । विशेष— पुराणनुसार ब्रह्मा के तीस दिनों के नाम ये हैं— (१) श्वेत (वाराह), (२) नीललोहित, (३) वामदेव, (४) रथंतर, (५) रौरव, (६) प्राण, (७) बृहत्कल्प, (८) कंदर्प, (९) सत्य या सद्य, (१०) ईशान, (११) व्यान, (१२) सारस्वत, (१३) उदान, (१४) गारूड़, ( १५) कौम (ब्रह्म की पूर्णमासी), (१६) नारसिंह, (१७) समान (१८) आग्नेय, (१९) सोम, (२०) मानव, (२१) पुमान्, (२२) वैकुंठ, (२३) लक्ष्मी, (२४) सावित्री, (२५) घोर, (२६) वाराह, (२७) वैराज, (२८) गौरी, (२९) महेश्वर, (३०) पितृ (ब्रह्मा की अमावस्या) ।