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गायत्री की दिब्य शक्ति

Aachary Rudreshwaran: ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●         ❗❗ *आचार्य रुद्रेश्वरन* ❗❗ ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬● 👉🏻 प्रिय पाठकों-------  कर्मकाण्ड: गायत्री की दिव्य शक्ति 🔸🔸🔹🔸🔹🔸🔸 गायत्री साधना करने वालों को अनेक लाभों से लाभान्वित होते हुए देखा और सुना है। २४ अक्षरों के एक संस्कृत भाषा के पद्य (मंत्र) को जपने या साधना करने से किस प्रकार इतने लाभ होते हैं, यह एक आश्चर्यजनक पहेली है। इस पहेली को ठीक प्रकार न समझ सकने के कारण कई लोग गलत धारणाएँ बना लेते हैं। गायत्री एक ऐसा विश्व-व्यापी दिव्य तत्त्व है, जिसे ह्रीं-बुद्धि, श्रीं-समृद्धि और क्लीं-शक्ति, इन त्रिगुणात्मक विशेषताओं का उद्गम कहा जा सकता है। यह महाचैतन्य दैवी शक्ति जब विश्वव्यापी पंच तत्त्वों से आलिंगन करती है, तो उसकी बड़ी ही रहस्यमयी प्रतिक्रियाएँ होती हैं। ईश्वरीय दिव्य शक्ति गायत्री की पंच भौतिक प्रकृति-सावित्री से सम्मिलन पाने के समय जो स्थिति होती है, उसे ऋषियों ने अपनी सूक्ष्म दिव्य दृष्टि से देखकर साधना के लिए मूर्तिमान कर दिया है। विश्व-व्यापिनी गायत्री शक्ति जब आकाश तत्त्व से टकराकर शब्द तन्मात्रा में प्रति...