दुर्गा नर्वाण मंत्र विधि
नवार्ण मंत्र || || “ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे” || नवार्ण मंत्र का अर्थ : नर्वाण मंत्र को हर कोई जानता हैं पर क्या आपको नवार्ण मंत्र के नौ अक्षर के बारे में भी जानते हैं हो क्या ? इन्ही नौ अक्षरों में वाले नवार्ण मंत्र में देवी दुर्गा माँ की नौ शक्तियां समायी हुई है ! साथ ही नर्वाण मंत्र का सम्बन्ध नौ ग्रहों से भी है ! ऐं : सरस्वती का बीज मन्त्र है । ह्रीं : महालक्ष्मी का बीज मन्त्र है । क्लीं : महाकाली का बीज मन्त्र है । नर्वाण मंत्र के प्रथम बीज मंत्र “ऐं” से माता दुर्गा की प्रथम शक्ति माता शैलपुत्री की उपासना की जाती है, इस बीज मंत्र से “सूर्य ग्रह” को नियंत्रित करने की शक्ति समायी हुई है ! नर्वाण मंत्र के द्वितीय बीज मंत्र “ह्रीं” से माता दुर्गा की द्वितीय शक्ति माता ब्रह्मचारिणी की उपासना की जाती है, इस बीज मंत्र से “चन्द्र ग्रह” को नियंत्रित करने की शक्ति समायी हुई है ! नर्वाण मंत्र के तृतीय बीज मंत्र “क्लीं” से माता दुर्गा की तृतीय शक्ति माता चंद्रघंटा की उपासना की जाती है, इस बीज मंत्र से “मंगल ...