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प्रश्न : ईश्वर ने सभी मनुष्यों को कुछ नैसर्गिक वृत्ति और सहज ज्ञान दिया है | यह सभी पुस्तकों से बेहतर है क्योंकि इसी से हम सब कुछ समझ सकते हैं, इस ज्ञान के विकास के साथ कुछ लोगों ने वेदों की रचना करना सीख लिया हो, ऐसा हो सकता है | वेद, ईश्वर से ही अवतरित हुए हैं, ऐसा मानना क्यों आवश्यक है ?

●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●     ❗❗ *आचार्य रुद्रेश्वरन* ❗❗ ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬● ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬● 👉🏻 प्रिय पाठकों------- शंका : ईश्वर ने सभी मनुष्यों को कुछ नैसर्गिक वृत्ति और सहज ज्ञान दिया है | यह सभी पुस्तकों से बेहतर है क्योंकि इसी से हम सब कुछ समझ सकते हैं, इस ज्ञान के विकास के साथ कुछ लोगों ने वेदों की रचना करना सीख लिया हो, ऐसा हो सकता है | वेद, ईश्वर से ही अवतरित हुए हैं, ऐसा मानना क्यों आवश्यक है ? – १.क्या जंगली जनजातियों और शिक्षा के अभाव में अकेले जंगल में पले बच्चे के पास उनका सहज ज्ञान नहीं था ? फ़िर भी वो विद्वान या समझदार क्यों न हुए ? २.भाषा भी वेदों से ही मिली है लेकिन वेदों पर विश्वास के अभाव में भाषा की उत्पत्ति भी आधुनिक और शंकाशील वैज्ञानिकों के लिए एक रहस्य रह जाता है | ३.हम शाला में जा कर और हम से बड़ों से पाठ पढ़ कर भी सीखते रहते हैं तो फ़िर शुरू के समय में लोग इतना सब कैसे सीख सकते हैं कि उन वेदों को बना सकें – जिस में बहुत सारे मंत्र हों और वो भी उस भाषा में जो अन्य किसी भी भाषा से परिपूर्ण और विस्तृत है और जिस में विविध और महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार हों और ज...