चौसठ कलाये
●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬● ❗❗ *आचार्य रुद्रेश्वरन* ❗❗ ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬● 👉🏻 प्रिय पाठकों------- 64कलाये इस प्रकार हैं व्यवहारिक ४४ कलाएँ- 1. ध्यान, प्राणायाम, आसन आदि की विधि 2. हाथी, घोड़ा, रथ आदि चलाना 3. मिट्टी और कांच के बर्तनों को साफ रखना 4. लकड़ी के सामान पर रंग-रोगन सफाईकरना 5. धातु के बर्तनों को साफ करना औरउन पर पालिश करना 6. चित्र बनाना 7. तालाब, बावड़ी, कमान आदि बनाना 8. घड़ी, बाजों और दूसरी मशीनों को सुधारना 9. वस्त्र रंगना 10. न्याय, काव्य, ज्योतिष, व्याकरण सीखना 11. नांव, रथ, आदि बनाना 12. प्रसव विज्ञान 13. कपड़ा बुनना, सूत कांतना, धुनना 14. रत्नों की परीक्षा करना 15. वाद-विवाद, शास्त्रार्थ करना 16. रत्न एवं धातुएं बनाना 17. आभूषणों पर पालिश करना 18. चमड़े की मृदंग, ढोल नगारे, वीणा वगैरेह तैयार करना 19. वाणिज्य 20. दूध दुहना 21. घी, मरूवन तपाना, 22. कपड़े सीना 23. तरना 24. घर को सुव्यवस्थित रखना 25. कपड़े धोना 26. केश-श्रृंगार 27. मृदु भाषण वाक्पटुता 28. बांस के टोकने, पंखे, चटाई आदि बनाना 29. कांच के बर्तन बनाना 30. बाग बगीचे लगाना, वृक्षारोपण, ज...