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क्यों दी जाती है संतों को समाधि

हमारे यहां दो मत प्रचलित हैं शैव और वैष्णव शैवमत का सन्यास शिखा सूत्र और अग्नि का त्याग करके होता है जबकि वैष्णव मत में शिखा सूत्र और अग्नि का त्याग नहीं होता। सन्यास शैव मत में जब लिया जाता है तो अजीब अपनी और्ध्वदेहिक क्रिया संपूर्ण कर शिखा सूत्र और अग्नि स्पर्श का त्याग कर देता है इसलिए सामान्यतया शैव मत में मृत्यु उपरांत समाधि दी जाती है।