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कर्म योग

कर्मयोग का अर्थ कर्म शब्द कृ धातु से बनता है। कृ धातु में ‘मन’ प्रत्यय लगने से कर्म शब्द की उत्पत्ति होती है। कर्म का अर्थ है क्रिया, व्यापार, भाग्य आदि। हम कह सकते हैं कि जिस कर्म में कर्ता की क्रिया का फल निहित होता है वही कर्म है। कर्म करना मनुष्य की स्वाभाविक प्रवृत्ति है। तथा कर्म के बिना मनुष्य का जीवित रहना असम्भव है। कर्म करने की इस प्रवृत्ति के संबन्ध में गीता में कहा गया है- नहि कश्चित्क्षणमपि जातु तिष्ठत्यकर्मकृत  कार्यते ह्यवश: कर्म सर्व: प्रकृतिजैर्गुणै:।। (गीता 3/5)  अर्थात् इस विषय में किसी भी प्रकार का संदेह नहीं किया जा सकता कि मनुष्य किसी भी काल में क्षणमात्र भी बिना कर्म किये नहीं रह सकता, क्योंकि सभी मानव प्रकृतिजनित गुणों के कारण कर्म करने के लिए बाध्य होते हैं। मनुष्य को न चाहते हुए भी कुछ न कुछ कर्म करने होते हैं और ये कर्म ही बन्धन के कारण होते हैं। साधारण अवस्था में किये गये कर्मों में आसक्ति बनी रहती है, जिससे कई प्रकार के संस्कार उत्पन्न होते हैं। इन्हीं संस्कारों के कारण मनुष्य जीवन-मरण के चक्र में फंसा रहता है। जबकि ये कर्म यदि अनासक्त भाव से किये ...

क्षौर कर्म निर्णय

 *क्षौर कर्म और उसके नियम एवं अन्य विविध मुहूर्त* 〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️ शास्त्र में क्षौर कर्म के लिए निम्न क्रम निर्धारित किया गया है। पहले दाढ़ी दाहिनी ओर से पूरी बनवा ले, फिर मुछ तब बगल के बाल फिर सिर के बालो को और अंत में आवश्यकतानुसार अन्य रोमो को कटवाना चाहिए। अन्त में नख कटवाने का विधान है। वर्जित तिथि वार 〰️〰️〰️〰️〰️ एकादशी, चतुर्दशी, अमावश्या, पूर्णिमा, संक्रांति, व्यतिपात, विष्टि (भद्रा), व्रत के दिन, श्राद्ध के दिन मंगलवार और शनिवार को क्षौर कर्म नहीं कराना चाहिए। रविवार को क्षौर कर्म कराने से एक मास की, शनिवार को सात मास की,भौमवार को आठ मास की आयु को उस उस दिन के अभिमानी देवता क्षीण कर देते है। इसी प्रकार बुधवार को क्षौर करने से पांच मास की, सोमवार को सात मास की, गुरुवार को दस मास की और शुक्रवार को ग्यारह मास की आयु की वृद्धि उस उस दिन के अभिमानी देवता कर देते है। पुत्र की इच्छा रखने वाले को सोमवार को और लक्ष्मी के इच्छा रखने वाले को गुरुवार को क्षौर नहीं कराना चाहिए। अन्य विविध मुहूर्त 〰️〰️〰️〰️〰️〰️ बच्चों को स्कूल में डालना(विद्यारम्भ) 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ शुभ ...

श्राद्ध -तर्पण विषयक शंका -समाधान

*💥श्राद्ध -तर्पण विषयक शंका -समाधान💥* प्रश्न👉  मेरे मन में सदा ये संशय रहता है की मनुष्यों द्वारा पितरों का जो तर्पण किया जाता है, उसमें जल तो जल में ही चला जाता है; फिर हमारे प...