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चौराशी लाख योनियों का प्रमाण

कौन कौन सी है यह 84 लाख योनियां  : पदम् पुराण में हमें एक श्लोक मिलता है जो इस धरती पर जलचर, नभचर , स्थलचर एककोशिकीय, बहुकोशिकीय, और अन्य कोटि के जीव जंतु की संख्या बतायी गयी है। श्लोक इस तरह है जलज नव लक्षाणी, स्थावर लक्ष विम्शति, कृमयो रूद्र संख्यकः अर्थ : पानी के जीव जंतु 9 लाख , स्थिर प्राणी यानि पेड़ 20 लाख ,11 लाख सर्प समान जहरीले पक्षिणाम दश लक्षणं, त्रिन्शल लक्षानी पशवः, चतुर लक्षाणी मानवः  अर्थ : पक्षी 10 लाख, पशु स्थल वाले 30 लाख और 4 लाख मनुष्य समान प्राणी , जलीय जीव – 9 लाख स्थिर पेड़ पोधे – 20 लाख सरीसृप/कृमी/कीड़े-मकोड़े – 11 लाख नभचर– 10 लाख स्थलीय/थलचर – 30 लाख मानवीय नस्ल के बन्दर वनमानुष आदि – 4 लाख कुल प्रजातिया = 84 लाख योनियां  । आधुनिक विज्ञान का मत : हमारे वैज्ञानिक अभी तक 13 लाख जीवो की खोज कर चुके है और अभी भी उनका शोध चालू है | हर साल उनकी शोध में नए नए जीव सामने आ रहे है | हमारे पुराणों ने कई युगों पहले ही जो बात बता दी थी , उस बात के करीब धीरे धीरे वैज्ञानिक और खोजकर्ता पहुँच रहे है |