गायत्री
गायत्री गुप्त मन्त्र और सम्पुट 〰〰🌼〰〰🌼〰〰 गायत्री मन्त्र के साथ कौन सा सम्पुट लगाने पर क्या फल मिलता है!! ॐ भूर्भुव: स्व : ॐ ह्रीं तत्सवितुर्वरेण्यं ॐ श्रीं भर्गो देवस्य धीमहि ॐ क्लीं धियो यो न: प्रचोदयात ॐ नम:! ॐ भूर्भुव: स्व : ॐ ह्रीं तत्सवितुर्वरेण्यं ॐ श्रीं भर्गो देवस्य धीमहि ॐ क्लीं धियो यो न: प्रचोदयात ॐ नम:! ॐ भूर्भुव: स्व : ॐ ऐं तत्सवितुर्वरेण्यं ॐ क्लीं भर्गो देवस्य धीमहि ॐ सौ: धियो यो न: प्रचोदयात ॐ नम:! ॐ श्रीं ह्रीं ॐ भूर्भुव: स्व: ॐ ऐं ॐ तत्सवितुर्वरेण्यं ॐ क्लीं ॐ भर्गोदेवस्य धीमहि ॐ सौ: ॐ धियो यो न: प्रचोदयात ॐ ह्रीं श्रीं ॐ!! गायत्री जपने का अधिकार जिसे नहीं है वे निचे लिखे मन्त्र का जप करें! ह्रीं यो देव: सविताSस्माकं मन: प्राणेन्द्रियक्रिया:! प्रचोदयति तदभर्गं वरेण्यं समुपास्महे !! सम्पुट प्रयोग 〰〰〰〰 गायत्री मन्त्र के आसपास कुछ बीज मन्त्रों का सम्पुट लगाने का भी विधान है जिनसे विशिष्ट कार्यों की सिद्धि होती है ! बीज मन्त्र इस प्रकार हैं---- १- ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं --- का सम्पुट लगाने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है! २- ॐ ऐं क्लीं सौ:-- का सम्पुट लगाने से विद्या प्...