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मरण पंचक शांति कर्म

●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●         ❗❗ *आचार्य रुद्रेश्वरन* ❗❗ ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬● 👉🏻 प्रिय पाठकों-------   पंचक मरण शान्ति           पंचक में मृत्यु होने पर वंश के लिए अनिष्ट कारक होता है इसलिए जहाँ पर शव जलाना हो वहां भूमि शुद्धकर कुश से मनुष्याकृति की पाँच प्रतिमा बनाकर यव के आटे से उनका लेपन कर, अपसव्य हो पूजन संकल्प करें- अद्योत्यादि॰ अमुकगोत्रस्य अमुकप्रेतस्य धनिष्ठादि पंचकेभरण- सूचितवंशानिष्ट विनाशार्थं पंचकशान्ति करिष्ये। प्रतिमाओं को स्थापित कर पूजन करे - 1. प्रेतवाहाय नमः।।                    2. प्रेतसखायै नमः।। 3. प्रेतपाय नमः।।                        4. प्रेतभूमिपाय नमः।। 5. प्रेत हत्र्रो नमः।। नाम मंत्र से प्रत्येक प्रतिमा को गन्ध, अक्षत, पुष्प, धूप, दीपक और नैवेद्य से पूजन कर दाह से पहले शव के ऊपर रख दें- पहली प्रतिमा-शिर पर। दूसरी दक्षिण कुक्षी पर। तीसरी बांयी कुक्षी पर। चैथी नाभी के ऊपर। पांचवी पैरों के ऊपर रख घी को आह...