कुछ वैदिक प्रश्न उत्तर
आज निम्न प्रश्नों के उत्तर खोजते हैं। (दो) ऋग्वेद कैसे विकृति से बच पाया? *ॐ -ऋग्वेद में आज तक एक अक्षर भी जोड़ा वा घटाया नहीं गया *. इस विधानपर आज का युवा विश्वास नहीं करता. एक युवा का प्रश्न और उसकी भूमिका से ही स्पष्ट है: (तीन) प्रश्न मालिका: जब बाइबिल की अनेक गॉस्पेल्स मिलती हैं, तो उससे भी पुराना ऋग्वेद बिना छेडछाड रहा यह हम कैसे मान ले ? तब मुद्रण का शोध ही कहाँ हुआ था? कागज़ का शोध भी नहीं हुआ था। ताड पत्र या भोज पत्र पर लिखा जाता था। लिपि भी पता नहीं खोजी गयी थी या नहीं? ऐसे वेदों को बिना विकृति मान लेना क्या मूर्खता या अंधश्रद्धा नहीं है? जब एक युवा ने ऐसे श्रेणी बद्ध प्रश्न पूछना प्रारंभ किए ,तो मैं ही, सोच में पड गया. ऐसे प्रश्न भी हो सकते है. पर इन प्रश्नों का मैं पहली बार सामना कर रहा था। भारत में भी साम्यवादियों द्वारा ऐसे प्रश्न पूछनेवाले मिले हैं; जो मैं उपेक्षित करते आ रहा था. प्रश्न:(१)भाषा शुद्धि और उच्चारण के प्रति पूर्वज क...