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गाय चेतना के लिए सीढी है

गाय चेतना के लिए सीढी है, पशु से उपर उठकर मनुष्य बनने के लिये -  चेतना अपनी अंतर्यात्रा में पेड़ -पौधे, कीट - पतंग और पशु - पक्षी की योनियों से गुजरती हुई, अंत में गाय की योनि में प्रवेश करती है। और गाय का जीवन जीती है।  गाय की योनि में आकर चेतना की समझ इतनी विकसित हो चुकी होती है कि वह आसानी से मनुष्य योनि में छलांग लगा जाती है। गाय पशु और मनुष्य के बीच की एक कड़ी है। गाय चेतना के लिए एक सीढी है, पशु से उपर उठकर मनुष्य बनने के लिये। गाय में आकर चेतना उस तल पर आ खड़ी होती है, जहां से अगले जन्म में मनुष्य योनि में प्रवेश करना सहज ही घट जाता है।  इसलिए हमारे हिंदू धर्म में गाय को इतना महत्व दिया जाता है। उसकी पूजा करके उसे धन्यवाद दिया जाता है, कि धन्य है तू, जो यहां तक आ पहुंची है। उसे संबल दिया जाता है, कि हम भी एक समय वहीं थे जहां आज तू खड़ी है। अब तेरा अगला जन्म मनुष्य का है, हम तेरी पूरी मदद करेंगे, ताकि तू मनुष्य में आकर स्वयं को मुक्त कर सके!  गाय को रोटी देकर, रोटी के स्वाद से उसे अभी से ही परिचित करवाना शुरू कर दिया जाता है, ताकि रोटी का यह स्वाद उसे मनुष्य यो...