दान निर्णय
●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬● ❗❗ *आचार्य रुद्रेश्वरन* ❗❗ ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬● ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬● 👉🏻 प्रिय पाठकों---- 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 ।। श्री: ।। *सङ्ग्रहैकपरः प्राप समुद्रोऽपि रसातलम् ।* *दाता तु जलदः पश्य भुवनोपरि गर्जति ॥* 🌹🌹🌹🌹🌹🌹 *आत्मार्थं जीवलोकेस्मिन् को न जीवति मानवः ।* *परं परोपकारार्थं यो जीवति स जीवति ॥* *इस दुनिया में अपने लिए कौन मानव नहीं जीता (सब जीते हैं) ? लेकिन परोपकार के लिए जीए उसे जीया कहते हैं ।* *आज का संदर्भ प्रश्न 1148 अत्यंत ही प्रासंगिक है वर्तमान काल में जो पृथ्वी की स्थिति दिखाई दे रही है वह दान पर ही निर्भर दिख रही है पूर्वजों ने भी संभवतः यह काल कभी नही देखा होगा एक रुपए का सिक्का भी यदि हम किसी की और बढ़ा रहे हैं तो वह पात्र को ही जा रहा है मां अन्नपूर्णा से प्रार्थना है भगवती हे , माँ अन्नपूर्णा पूरे विश्व का पोषण करती रहिये कोई भूखा ना रहे हे माँ ।* *दान का भी अपना एक अद्भुद रहस्य है* *एक बार देवर्षि...