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भजन करते समय के नियम

भोजन करने के  सामान्य नियम   - १. सदैव शुद्ध होकर, आचमन करके ही भोजनालय ( रसोई)  में भोजनार्थ  प्रवेश करे । २.उत्तरीय ( दुपट्टा) और धोती पहने । ३. श्रीखंड चंदन आदि का तिलक लगा के भोजनालय में जाये । ४. भोजनालय  गोबर से लीपा हो  । ५. भोजन से पूर्व  ब्राह्मण चतुष्कोण ,  क्षत्रिय त्रिकोण , वैश्य गोल मण्डल व  शूद्र केवल जल से अभिषेक करे । ६.   #पितुन्नुस्तोषम्० इत्यादि मन्त्र से  पहले अन्न की स्तुति करे । ७.  पुनः मानस्तोके नमो वः०  मन्त्र से उस परोसे अन्न को अभिमन्त्रित करे । ८. फिर बलिवैश्वदेव यज्ञ  ( आहार का कुछ अंश मन्त्र के साथ बलि देना )  करे ।  ९.  फिर अन्तश्चरसि० मन्त्र से भगवान् विष्णु का ध्यान करे, फिर अमृतोपस्त० मन्त्र से आचमन करे । १०. फिर  अन्न में अमृत का ध्यान करके  अपने मुख में पॉच आहुतियॉ दे -  प्राणाय स्वाहेति मन्त्रों से ।(  वाजसनेयी शाखानुसार ) ११. ये  प्राणाहुतियॉ  दॉत से न काटे , वरन जीभ से चाट कर ही ग्रहण करे । १२. पहला कौर अंगुठे + मध्यमा , दूसर...