त्रिपुंड
*शिवलिंग पर बने त्रिपुण्ड्र की तीन आड़ी रेखाओं का रहस्य ......* *शैव परम्परा का तिलक है त्रिपुण्ड्र । यह कितना बड़ा होना चाहिए ? कैसे लगाना चाहिए ? त्रिपुण्ड्र की तीनों रेखाओं का क्या रहस्य है ?* *प्राय: साधु-सन्तों और विभिन्न पंथों के अनुयायियों के माथे पर अलग-अलग तरह के तिलक दिखाई देते हैं । तिलक विभिन्न सम्प्रदाय, अखाड़ों और पंथों की पहचान होते हैं । हिन्दू धर्म में संतों के जितने मत, पंथ और सम्प्रदाय है उन सबके तिलक भी अलग-अलग हैं । अपने-अपने इष्ट के अनुसार लोग तरह-तरह के तिलक लगाते हैं ।* *शैव परम्परा का तिलक कहलाता है त्रिपुण्ड्र......* *भगवान शिव के मस्तक पर और शिवलिंग पर सफेद चंदन या भस्म से लगाई गई तीन आड़ी रेखाएं त्रिपुण्ड्र कहलाती हैं । ये भगवान शिव के श्रृंगार का हिस्सा हैं । शैव परम्परा में शैव संन्यासी ललाट पर चंदन या भस्म से तीन आड़ी रेखा त्रिपुण्ड्र बनाते हैं ।* *एक बार सनत्कुमारों ने भगवान कालाग्निरुद्र से पूछा......* *· त्रिपुण्ड्र कितना बड़ा होना चाहिए ?* *· कैसे लगाना चाहिए ?* *· त्रिपुण्ड्र की तीनों रेखाओं का क्या रहस्य है ?* *भगवान कालाग्निरुद्र बोले......* ...