सात प्रकार के शरीर
सात प्रकार के शरीरों की संरचना एवम् विकास 〰〰🌸〰〰🌸〰〰🌸〰〰🌸〰〰 1. स्थूल शरीर:👉 एक बच्चे के जन्म लेने के बाद 7 वर्षों तक स्थूल शरीर अथवा भौतिक शरीर का निर्माण और विकास होता है। इन साथ वर्षों में भौतिक शरीर का पूर्ण रूप से विकसित होना आवश्यक है। पशुओं के पास सिर्फ भौतिक शरीर ही होता है। इन प्रथम सात वर्षों में मनुष्य और पशुओं में कोई विशेष अंतर नही पायी जाती है। बहुत से लोग ऐसे भी होते हैं जिनका सिर्फ भौतिक शरीर ही निर्मित हो पाता है और आगे के शरीरों का कोई विकास नही हो पाता है। ऐसे लोग पशुवत जीवन ही जीकर मरजाते हैं।भौतिक शरीर में रहने वालों में नकल करने की आदत होती है। उस समय तक बुद्धि का विकास नही हो पाता है। इसलिए पहले सात वर्षों तक बच्चों में अनुकरण अथवा नकल करने की प्रवृत्ति प्रधान रूप से बनी रहती है। 2.आकाश शरीर:👉 दूसरे सात वर्षों में आकाश शरीर अथवा भाव शरीर का विकास होने लगता है। व्यक्ति में भावनाओं का जन्म होता है। उसमे प्रेम और आत्मीयता की प्रवृत्ति विकसित हो जाती है। अब व्यक्ति अपने तक सीमित नही रहता है। वह दूसरों से भी अपने संबंधों का ताना बाना बुनने लगता है। विकास का यह ...