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गुरु प्राप्ति साधना

●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●         ❗❗ *आचार्य रुद्रेश्वरन* ❗❗ ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬● 👉🏻 प्रिय पाठकों-------  गुरु प्राप्ति साधना 🥀 कुछ लोग देवी देवताओं को , सिद्धात्माओ को गुरु मान कर साधनाये करते है । अछि बात है गुरु मंडल की शक्तियां भी सहायता और मार्गदर्शमकरती है पर एक सीमा तक । और वो भी मनुष्य में इतनी योग्यता हो कि दिव्य संकेतो और संदेशो को समझ सके तब की बात है ।  वैदिक काल से ही देहधारी गुरु का महत्व बताया गया है । भू लोक पर जन्म लेने वाले हर मनुष्य के लिए कहा जाता है - गुरु बिन गति नही रे प्यारे । कोई भी जिसने इस भू लोक पर जन्म लिया है उसका उद्धार गुरु ही कर सकता है । बड़े बड़े सिद्ध हुए चाहे भगवान राम , भगवाम कृष्ण , गुरु गोरखनाथ इन्होंने में भी गुरु धारण किया जबकि यह तो स्वयं भगवान के अवतार थे इन्हें क्या आवश्यकता थी गुरु धारण करने की ?  बाकी सबकी अपनी अपनी सोच है जिसे खुदके अलावा कोई नही बदल सकता है ।  जिनके गुरु नही है उन्हें गुरु प्राप्ति के लिए साधना नीचे दे रहा हूँ करके लाभ उठाएं ।  मंत्र - ॐ गुं गुरुदेव हुं फट सामग्री - सभी चीजें जहां तक संभ...

श्रीगुरु स्त्रोतम

●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●         ❗❗ *आचार्य रुद्रेश्वरन* ❗❗ ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬● 👉🏻 प्रिय पाठकों-------     श्री गुरु स्तोत्रम् ~ श्री महादेव्युवाच || गुरुर्मन्त्रस्य देवस्य धर्मस्य तस्य एव वा | विशेषस्तु महादेव ! तद् वदस्व दयानिधे || श्री गुरु स्तोत्रम् श्री महादेवी (पार्वती) ने कहा : हे दयानिधि शंभु ! गुरुमंत्र के देवता अर्थात् श्री गुरुदेव एवं उनका आचारादि धर्म क्या है – इस बारे में वर्णन करें | श्री महादेव उवाच || जीवात्मनं परमात्मनं दानं ध्यानं योगो ज्ञानम् | उत्कल काशीगंगामरणं न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ||१|| श्री महादेव बोले : जीवात्मा-परमात्मा का ज्ञान, दान, ध्यान, योग पुरी, काशी या गंगा तट पर मृत्यु – इन सबमें से कुछ भी श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है, श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है ||१|| प्राणं देहं गेहं राज्यं स्वर्गं भोगं योगं मुक्तिम् | भार्यामिष्टं पुत्रं मित्रं न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ||२|| प्राण, शरीर, गृह, राज्य, स्वर्ग, भोग, योग, मुक्ति, पत्नी, इष्ट, पुत्र, मित्र – इन सबमें से कुछ भी श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है, श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है ||२|| वा...