समुद्र मंथन या आत्म मंथन
●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬● ❗❗ *आचार्य रुद्रेश्वरन* ❗❗ ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬● 👉🏻 प्रिय पाठकों------ || समुन्द्र मंथन या आत्म मंथन || हिन्दु धर्म की शिक्षाओं को ऋषि मुनियों ने अपने अपने हिसाब से कथाओं में घड कर वेद पूराणों में लिखा है लेकिन आज के मूर्ख नास्तिक लोग कथाओं के शब्दों को लेकर तर्क करना शूरू कर देते हैं शब्दों और कथाओं का अर्थ नहीं समझते सागर मंथन की कथा का अर्थ समझिऐ...... समुद्र मंथन हिन्दू धर्म की पौराणिक मान्यताओं में देव-दानवों द्वारा किया गया समुद्र मंथन का प्रसंग खासतौर पर सागर से निकले अद्भुत व बेशकीमती खजाने यानी दिव्य रत्नों, प्राणियों व देवताओं के अलावा खासतौर पर भगवान विष्णु द्वारा देवताओं को अमृत पान कराने के लिए जाना जाता है। दरअसल, हजारों सालों से यह प्रसंग केवल धार्मिक नजरिए से ही नहीं बल्कि इसमें समाए जीवन को साधने वाले सूत्रों के लिए भी अहमियत रखता है। आज भी कई धर्म परंपराएं इसी प्रसंग से जुड़े कई पहलुओं के इर्द-गिर्द ही घूमती हैं। महाकुंभ में उमड़ता जलसैलाब हो या धन कामना के लिए लक्ष्मी पूजा, सभी के सूत्र समुद्र की गहराई से निकले इन अनमो...