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ब्यापार बृद्धि यन्त्र एवम सरल विधि

●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●         ❗❗ *आचार्य रुद्रेश्वरन* ❗❗ ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬● 👉🏻 प्रिय पाठकों-------  व्यापार वृद्धि यंत्र एवम सामान्य विधि यदि लगातार मेहनत के बाद भी आपको व्यापार में हानि हो रही है और आपको सदैव अपनी दुकान में चोरी का डर सताता रहता है तो आपको व्यापार वृद्धि यंत्र  को अपने व्यापास्थल पर स्थापित करना चाहिेए। इससे न केवल आपके व्यापार में वृद्धि होगी बल्कि व्यापार, नौकरी और रोजगार में आ रही अड़चने भी समाप्त हो सकती हैं। धन संबंधी समस्याओं से निजात पाने के लिए भी आप इस कारगर और चमत्कारी यंत्र का इस्तेमाल कर सकते हैं। तंत्रशास्त्र के अनुसार इस यंत्र को धनदाता और सर्वसिद्धि दाता के नाम से जाना जाता है।  व्यापार वृद्धि यंत्र के लाभ इस यंत्र को प्रतिष्ठित करने से व्यापार में आ रही रुकावटों से निजात मिल जाती है और व्यापार में बढ़ोत्तरी भी होती है।  यदि आपको व्यापार में लगातार घाटे का सामना करना पड़ रहा है तो आपको अपने व्यापार स्थल पर इस यंत्र को स्थापित करना चाहिए।  कार्यस्थल पर इस यंत्र को रखने से आश्चर्यजनक धन का आगमन होता है। कोई नया व्य...

स्त्रियों को शिवलिंग पूजन करने का अधिकार ??

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●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●         ❗❗ *आचार्य रुद्रेश्वरन* ❗❗ ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬● 👉🏻 प्रिय पाठकों-------  समाज मे एक भ्रम बहुत समय से फैला हुआ है कि स्त्रियां शिव लिंग का अर्चन पूजन नही कर सकती। तो आज मैं आप सभी को शिवपुराण के विद्येश्वरसंहिता में वर्णित उस श्लोक से अवगत करता हु जिससे आप का भरम दूर हो जाएगा। ब्राह्मणः क्षत्रियो वैश्य: शुद्रो वा प्रतिलोमज:। पूजयेत सततं लिंगम तत्तमंत्रेण सादरम।। किम बहुक्तेन मुनयः स्त्रीणांमपि तथान्यतः। अधिकारोस्ति सर्वेषाम शिवलिंगार्चने द्विजाः।। अर्थात ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य शुद्र अथवा बिलोम संकर अथवा कोई भी क्यों न हो वह अपने अधिकार के अनुसार वैदिक अथवा तांत्रिक मंत्रो से शिवलिंग की पूजा करें। शिवलिंग पूजन करने में स्त्रियों का तथा अन्य सब लोगो का अधिकार है ,सभी  जीव मात्र के लिए शिव कल्याणकारी है  और सब को पूजा करने का अधिकार है  हर हर महादेव                                        सम्पूर्ण---🖌 ...

किसने की किस शिवलिंग की पूजा अर्चना

किस देवता ने की कोन से शिवलिंग की उपासना । सृष्टि के आरम्भ से ही ब्रह्मा आदि सभी देवता, रामावतार में भगवान श्रीराम, ऋषि-मुनि, यक्ष, विद्याधर, सिद्धगण, पितर, दैत्य, राक्षस, पिशाच, किन्नर आदि विभिन्न प्रकार के शिवलिंगों का पूजन करते आए हैं। जहां शिवलिंग की उपासना से देवताओं को स्वर्ग का राज्य, कुबेर को लंका का निवास, मन के समान वेगशाली पुष्कर विमान, लोकपाल का पद  तथा राज्य-सम्पत्ति प्राप्त हुई; मार्कण्डेय, लोमश आदि ऋषियों को दीर्घ आयु, ज्ञान आदि की प्राप्ति हुई; वहीं पृथ्वी पर राजाओं ने शिवपूजन से अष्ट सिद्धि नवनिधि के साथ चक्रवर्ती साम्राज्य प्राप्त किया ।  इसलिए लिंग के रूप में सदैव भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए । लिंग के मूल में ब्रह्मा, मध्य में भगवान विष्णु व ऊपरी भाग में प्रणव रूप में भगवान शिव विराजमान रहते हैं । लिंग की वेदी पार्वती हैं और लिंग महादेव हैं । जो वेदी के साथ लिंग की पूजा करता है उसने शिव और पार्वती का पूजन कर लिया । देवताओं के द्वारा विभिन्न प्रकार के शिवलिंगों का पूजन ब्रह्माजी की आज्ञा से विश्वकर्मा ने विभिन्न पदार्थों से शिवलिंगों का निर्माण कर देवताओं को...

नित्य तुलसी पूजा की संक्षिप्त विधि!!!!!!!

नित्य तुलसी पूजा की संक्षिप्त विधि!!!!!!! एक कथा के अनुसार क्षीरसागर का मन्थन करने पर ऐरावत हाथी, कल्पवृक्ष, चन्द्रमा, लक्ष्मी, कौस्तुभमणि, दिव्य औषधियां व अमृत कलश आदि निकले । स...

बुधवार को गणेश जी का पूजन अवश्य करें

*💥बुधवार को गणेश जी का पूजन अवश्य करें💥* हिन्दू संस्कृति और पूजा में भगवान श्रीगणेश जी को सर्वश्रेष्ठ स्थान दिया गया है। प्रत्येक शुभ कार्य में सबसे पहले भगवान गणेश की ही ...