माता तुलसी को शंख से अर्घ्य

तुलसीसहितो देव शंङ्खेन संयुतम् ।
गृहाणायं मया दत्तं देवदेव नमोऽस्तु ते ॥
'देव ! आप तुलसीजी के साथ मेरे दिये हुए इस शङ्खयुक्त
अर्घ्यको ग्रहण करें। देवदेव! आपको नमस्कार है।"

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