दक्षिणा काली
हर हर महादेव
प्रिय पाठकों
महाकाल संहिता के मतानुसार आद्यशक्ति ही दक्षिणा काली हैं । शिवचंद्र विद्यार्नव में ऐसा कहते हैं कि पुरुष का नाम दक्षिण है और शक्ति का नाम वामा । जब तक यह वाम और दक्षिण समान रूप से अवस्थान करते हैं , तब तक संसार बंधन रहता है। साधना के प्रभाव से यह वामा शक्ति, जागृत होकर जब दक्षिण शक्ति पुरुष को भी विजीत कर लेती है और उनके ऊपर आरूढ़ होकर दक्षिणानंद में निमग्न हो जाती है तब उसके प्रभाव से दक्षिण तथा वाम दोनों से अंश ही पूर्ण तत्व की प्राप्ति कर लेते हैं और तभी वे दक्षिणा काली कही जाती। पक्षांतर से वे दक्षिणामूर्ति भैरव से आराधिता हो करके दक्षिणा काली हैं।
हर हर महादेव।
प्रिय पाठकों
महाकाल संहिता के मतानुसार आद्यशक्ति ही दक्षिणा काली हैं । शिवचंद्र विद्यार्नव में ऐसा कहते हैं कि पुरुष का नाम दक्षिण है और शक्ति का नाम वामा । जब तक यह वाम और दक्षिण समान रूप से अवस्थान करते हैं , तब तक संसार बंधन रहता है। साधना के प्रभाव से यह वामा शक्ति, जागृत होकर जब दक्षिण शक्ति पुरुष को भी विजीत कर लेती है और उनके ऊपर आरूढ़ होकर दक्षिणानंद में निमग्न हो जाती है तब उसके प्रभाव से दक्षिण तथा वाम दोनों से अंश ही पूर्ण तत्व की प्राप्ति कर लेते हैं और तभी वे दक्षिणा काली कही जाती। पक्षांतर से वे दक्षिणामूर्ति भैरव से आराधिता हो करके दक्षिणा काली हैं।
हर हर महादेव।
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