लक्ष्मी होम बिल्ब की महत्ता
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❗❗ *आचार्य रुद्रेश्वरन* ❗❗
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👉🏻 प्रिय पाठकों-------
व्यापार वृद्धि यंत्र एवम सामान्य विधि
यदि लगातार मेहनत के बाद भी आपको व्यापार में हानि हो रही है और आपको सदैव अपनी दुकान में चोरी का डर सताता रहता है तो आपको व्यापार वृद्धि यंत्र को अपने व्यापास्थल पर स्थापित करना चाहिेए। इससे न केवल आपके व्यापार में वृद्धि होगी बल्कि व्यापार, नौकरी और रोजगार में आ रही अड़चने भी समाप्त हो सकती हैं। धन संबंधी समस्याओं से निजात पाने के लिए भी आप इस कारगर और चमत्कारी यंत्र का इस्तेमाल कर सकते हैं। तंत्रशास्त्र के अनुसार इस यंत्र को धनदाता और सर्वसिद्धि दाता के नाम से जाना जाता है।
व्यापार वृद्धि यंत्र के लाभ
इस यंत्र को प्रतिष्ठित करने से व्यापार में आ रही रुकावटों से निजात मिल जाती है और व्यापार में बढ़ोत्तरी भी होती है।
यदि आपको व्यापार में लगातार घाटे का सामना करना पड़ रहा है तो आपको अपने व्यापार स्थल पर इस यंत्र को स्थापित करना चाहिए।
कार्यस्थल पर इस यंत्र को रखने से आश्चर्यजनक धन का आगमन होता है।
कोई नया व्यापार आरंभ करते वक्त अपने व्यापार स्थल पर व्यापार वृद्धि यंत्र की स्थापना करनी चाहिए।
व्यापार चलाने के लिए कर्ज लेना पड़ता है और खर्चे वही के वही रहते हैं और आमदनी में वृद्धि भी नहीं होती है तो ऐसी स्थिति में आपको अपने गल्ले में व्यापार वृद्धि यंत्र को प्रतिष्ठित करना चाहिए।
ऋण से मुक्ति पाने और व्यापार में फंसे धन को निकालने के लिए व्यापार वृद्धि यंत्र सबसे अच्छा माना जाता है।
इस यंत्र को व्यापार वृद्धि के लिए अत्यंत ही प्रभावशाली माना गया है। इस यंत्र को प्रतिष्ठित करने से व्यापार में शीघ्र ही उच्च स्तर का लाभ प्राप्त होता है।
ध्यान रखने योग्य बातें
यदि आप कोई नया उद्यम प्रारंभ करने जा रहे हैं तो आपको व्यापार वृद्धि यंत्र का पूजन करना चाहिए। ऐसा करने से व्यापार में समृद्धि और संपन्नता बनी रहती है और दरिद्रता का नाश होता है। व्यापार वृद्धि यंत्र को स्थापित करते वक्त इसके शुद्धिकरण और प्राण प्रतिष्ठा जैसे महत्वपूर्ण चरण सम्मिलित होने चाहिए। प्राण प्रतिष्ठा करवाए बिना इस यंत्र का विशेष लाभ प्राप्त नहीं होता है। इसलिए इस यंत्र को स्थापित करने से पहले सुनिश्चित करें कि यह विधिवत बनाया गया हो और इसकी प्राण प्रतिष्ठा हुई हो। वास्तुदोष निवारण यंत्र खरीदने के पश्चात किसी अनुभवी ज्योतिषी द्वारा अभिमंत्रित करके उसे घर की सही दिशा में स्थापित करना चाहिए।
स्थापना विधि
व्यापार वृद्धि यंत्र को स्थापित करने के लिए सबसे पहले प्रातकाल उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर इस यंत्र को पूजन स्थल पर रखकर इस यंत्र के आगे दीपक जलाएं और इस पर फूल अर्पित करें। तत्पश्चात व्यापार वृद्धि यंत्र को गौमूत्र, गंगाजल और कच्चे दूध से शुद्ध करें और 11 या 21 बार "ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्मै नम:" बीज मंत्र का जाप करें। तत्पश्चात इस यंत्र को स्थापित करने के बाद इसे नियमित रूप से धोकर इसकी विधिपूवर्क पूजा करें ताकि इसका प्रभाव कम ना हो। यदि आप इस यंत्र से अत्यधिक फल प्राप्त करना चाहते हैं तो व्यापार वृद्धि यंत्र की रचना भोजपत्र, तांबे, चांदी या सोने के पत्र पर या स्फटिक पर कर सकते हैं।
व्यापार वृद्धि यंत्र का बीज मंत्र - ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्मै नम:।
सम्पूर्ण---🖌
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