नर्क मुक्ति बृक्ष
स्कन्द पुराण में एक अद्भुत श्लोक है:
अश्वत्थमेकम् पिचुमन्दमेकम्
न्यग्रोधमेकम् दश चिञ्चिणीकान् ।
कपित्थबिल्वाऽऽमलकत्रयञ्च
पञ्चाऽऽम्रमुप्त्वा नरकन्न पश्येत्।।
अश्वत्थः = पीपल
पिचुमन्दः = नीम
न्यग्रोधः = वट वृक्ष
चिञ्चिणी = इमली
कपित्थः =Wood apple
बिल्वः = बेल
आमलकः = आंवला
आम्रः = आम
उप्ति = पेड़/पौधे लगाना
जो भी इन सारे वृक्षों का वृक्षारोपण करता है उसे कभी भी नर्क का दर्शन नहीं होता है। अर्थात उसे स्वर्ग की प्राप्ति होती है। आपसे विनम्र प्रार्थना है कि एक पेड़ बरसात मैं अवश्य लगाएं
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