एकादश भाव को शुभ कैसे करें
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❗❗ *आचार्य रुद्रेश्वरन* ❗❗
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एकादश भाव शुभ कैसे करे
ज्योतिष में कुंडली का एकादश भाव जो लाभ भाव हम कहते हैं,,,जिसके लिए कहा जाता है,यहां सभी ग्रह अक्सर शुभ फलदाई ही होते हैं,,जिसकी वजह से ही रावण ने सभी ग्रह को एकादश भाव बिराजित कर दिया था, जिससे उसका पुत्र अजय हो जाए,,,इसलिए वास्तव ये भाव अति महत्वपूर्ण और अच्छा होना चाहिए, कर्म करे लाभ न हो तो,,धन हो पर उससे बेकार में ही पैसा खर्च होता हो तो,,,भाग्य अच्छा हो फिर भी भाग्यशाली न हो सके तो,,अच्छी पढ़ाई की अच्छा ज्ञान हो फिर भी जॉब इंटरव्यू और परीक्षा में निष्फल होना एक दो अंक से रह जाना, पढ़ाई की हो मोके पर याद न आना, जॉब मिल जाए पर एक दो कागज या कोई व्यक्तिगत समस्या से जॉब न मिल पाना, गुस्सा से जॉब छोड़ देना फिर पछताना,,और कितना भी अच्छा चीज क्यू न रखो अच्छा लाभ ग्राहक को क्यू न दो फिर भी कोई खरीदता नहीं चीज,,स्त्री पूरा दिन काम करे फिर भी उलाहे ही मिले,,और कोई रेस्पेक्ट नहीं मिलती,,, ये सब समस्या लाभ भाव पर निर्भर करता है,,,यदि वो खराब हो अच्छा फल न दे तो ये समस्या से जूझना पड़ता है,,,इसको अच्छा करना चाहिए,,, चर लग्न के लिए ये भाव बाधक है तो पहले बाधक ग्रह को जानकर उसका दान करे साथ साथ उससे जुड़ी चीज जीवन उपयोग कम करे बाधा काल जब तक हो तब तक सतर्क रहे,,, रातो रात जिसको करोड़पति होने के सपने हो और उसमे ही लगे ही उल्टे सीधे काम में उसको ये भाव मृत्यु तुल्य कष्ट दे सकता है,,,ब्याज का जुवे का शराब के ठेके का और बिजनेस में गप्ला करके कमाया हुआ धन लाभ की जगह उल्टा बड़ा नुकसान देता है,,,कभी बेईमानी न करे,,,छठे से छठा होने के कारण शत्रु का भी शत्रु भाव शत्रु कितना लाभ हानि होगी ये भी देख कर सतर्क होना चाहिए,,शनिदेव न्यायप्रिय है इस भाव के मुख्य ग्रह तो न्याय नीति सदाचार से कमाया हुआ ही उचित है,,,जबके बेईमानी का लाभ "पहले मजा और फिर सजा" देता है,, "रिश्वत और बेईमानी कालाबाजारी"से बचना चाहिए,,,किसी दूसरे का हिस्से का लाभ भी हमें लेना नहीं चाहिए,किसकी मजबूरी का फायदा नहीं उठाना चाहिए,देवद्रव्य को कभी अपने लिए नहीं खर्च करना चाहिए,,,एकादश से एकादश भाव नवम भाव होगा तो पैतुल सम्पत्ति से लाभ एकादश भाव से मिल सकती है परन्तु उससे कितना लाभ या हानी होगी उसके लिए नवम भाव प्रबल होना चाहिए,,,और साथ साथ "कर भला तो होगा भला" ये सिद्धांत पर चलने से भी नवम और एकादश भाव शुभ होगा,,,स्त्री के लिए विवाह के बाद जीवन में उन्नति प्रगति के लिए पंचम भाव देख सकते हैं,,,जिस स्त्री का पंचम भाव और पंचमेश शुभ होगा सप्तम के साथ होने के साथ साथ एकादश भाव और भावेश से संबंध हो तो स्त्री के विवाह के बाद भाग्योदय उन्नति और उत्कृष्ट सुख मिलेगा ही मिलेगा,,इसलिए विवाह के बाद भाग्योदय का सूचक है पंचम भाव,,,
"कर भला तो होगा भला"
"कर्म कर दरिया में डाल"
"समय रहते सावधान"
"लालच बुरी बला हैं"
"जैसी करनी वैसी भरनी"
"पानी और वाणी सोच समझ कर ही उपयोग करना चाहिए"
ये सब सुविचार को जीवन में समझ कर उसको अमल करने से भी एकादश भाव शुभ होगा
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