जय गंगाधर आरती

ॐ जय गङ्गाधर जय हर जय गिरिजाधीशा।
त्वं मां पालय नित्यं कृपया जगदीशा।।
ॐ हर हर महादेव💐

कैलासे गिरिशिखरे कल्पद्रुमविपिने।
गुंजति मधुकरपुंजे कुंजवने गहने।।
कोकिलकूजित खेलत हंसानन ललिता।
रचयति कलाकलापं नृत्यति मुदसहिता।।
ॐ हर हर महादेव💐

तंस्मिल्ललितसुदेशे शाला मणिरचिता।
तन्मध्ये हरनिकटे गौरी मुदसहिता।।
क्रीड़ा रचयति भूषारंजित निजमीशम्।
इन्द्रादिक सुर सेवत नामयते शीशम्।।
ॐ हर हर महादेव💐

बिबुधबधू बहु नृत्यत हृदये मुदसहिता।
किन्नर गायन कुरुते सप्त स्वरसहिता।।
धिनकत थै थै धिनकत मृदंग वादयते।
क्वण क्वण ललिता वेणुं मधुरं नाटयते।।
ॐ हर हर महादेव💐

रुण रुण चरणे रचयति नूपुरमुज्जवलिता।
चक्रावर्ते भ्रमयति कुरुते तां धिक तां।।
तां तां लुप चुप तां तां डमरू वादयते।
अंगुष्ठांगुलिनादं  लासकतां कुरुते।।
ॐ हर हर महादेव💐

कर्पूरद्युतिगौरं पञ्चाननसहितम्।
त्रिनयनशशिधरमौलिं विषधरकंठयुतम्।
सुंदरजटाकलापं पावकयुतभालम्।
डमरूत्रिशूलपिनाकं करधृतनृकपालम्।।
ॐ हर हर महादेव💐

मुण्डै रचयति माला पन्नगमुपवीतम्।
वामाविभागे गिरिजारूपं अतिललितम्।।
सुंदरसकलशरीरे कृतभस्माभरणम्।
इति बृषभध्वजरूपं तापत्रयहरणम्।।
ॐ हर हर महादेव💐

शङ्खनिनादं कृत्वा झल्लरि नादयते।
नीराजयते ब्रह्मा वेद-ऋचां पठते।।
अतिमृदुचरणसरोजं हृत्कमले धृत्वा।
अवलोकयति महेशं ईशं अभिनत्वा।।
ॐ हर हर महादेव💐

ध्यानं आरति समये हृदये अति कृत्वा।
रामस्त्रिजटानाथं ईशं अभिनत्वा।।
संगतिमेवं प्रतिदिन पठनं य: कुरुते।
शिवसायुज्यं गच्छति भक्त्या य: शृणुते।।
ॐ हर हर महादेव💐

समस्त चराचर प्राणियों एवं सकल
विश्व का कल्याण करो प्रभु💐

जयति पुण्य सनातन संस्कृति💐
जयति पुण्य भूमि भारत💐
जयतु जयतु हिन्दूराष्ट्रं💐

कष्ट हरो💐काल हरो💐
दुःख हरो💐दारिद्र्य हरो💐
हर हर महादेव💐
जय उमाभवानी💐
जयश्रीराम💐

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