स्वप्न सरोवर एवं शुभशुभ संकेत सारिका
स्वप्न सरोवर एवं शुभशुभ संकेत सारिका
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अगर सपने में दिखाई दे ये चीज़ें तो समझ लीजिये आप शीघ्र बनने वाले है धनवान
हम सब जानते है की हिन्दू धर्म विश्व का सबसे पुराण धर्म है जिसमे अनेक धार्मिक ग्रन्थ शामिल है जैसे वेद , पुराण और उपनिषद . ये धार्मिक ग्रन्थ हमें सही मार्ग पर चलने का रास्ता दिखाते है तथा उस समय जो चीज़ें गठित हुई है उसका वर्णन करते है. जटिल भाषा होने के कारण वेदों और उपनिषदों को समझना थोड़ा कठिन होता है लेकिन पुराणों में उल्लिखित बातों को समझा जा सकता है। हमारे 18 पुराणों में से एक है अग्नि पुराण जो स्वयं अग्नि देव द्वारा बताया गया है.
दरअसल अग्निपुराण परंपराओं और संस्कारों का संगठन है जिनका पालन करना मानवता के विकास के लिए बहुत जरूरी है। इसमें भगवान शिव, श्रीकृष्ण और विष्णु जी द्वारा दी गई शिक्षाओं के साथ-साथ भगवान राम द्वारा बताए गए उन निर्देशों का भी जिक्र है जो अच्छे और बुरे सपनों के बीच अंतर करते हैं।
भगवान राम ने स्वयं अच्छे और बुरे सपनों के बीच क्या अंतर होता है, इसके साथ-साथ यह भी बताया गया है कि बुरे संकेतों को पहचानकर उनके प्रभाव से खुद को बचाया जा सकता है।ऐसा कहा जाता है कि जब भगवान राम अपने भाई और पत्नी के साथ चौदह वर्ष के वनवास पर गए थे तब वहां माता सीता और लक्ष्मण को हर रात कुछ सपने परेशान करते थे। वह उन सपनों की वजह से सो नहीं पाते थे। तब वहां भगवान राम ने उन्हें बताया था सपनों का मतलब और उनका अर्थ।
सपनों का सामान्य अर्थ कुछ ऐसा लिया जाता है कि हम दिनभर में जो देखते हैं, जिन घटनाओं का सामना करते हैं और जो सोचते हैं वह हमारे मस्तिष्क के किसी कोने में जाकर बैठ जाता है और रात को वही सपनों के जरिए हमें नजर आने लगता है।
लेकिन भगवान राम ने कुछ ऐसे विशेष सपनों के बारे में बताया था जिनका संबंध हमारी दिनचर्या से नहीं होता, वह सिर्फ और सिर्फ हमारे लिए कोई संदेश लेकर ही आते हैं।
भगवान राम के अनुसार अगर सपने में कोई व्यक्ति खुद को फटे हुए पुराने कपड़ों में पाता है या उसे दिखता है कि उसके शरीर में से पेड़ उगने लगा है तो यह सपना उसके लिए बहुत बुरा है। इसके प्रभाव से निजात पाने के लिए व्यक्ति को तुरंत ही सूर्य देव की आराधना शुरू कर देनी चाहिए।
सपनों का मतलब
सपने में सांप को मारना या नुकसान पहुंचाना, विवाह में शामिल होना, मांसाहार लेना यह सभी बुरे सपने होते हैं, जिनका प्रभाव उसी व्यक्ति को ही भुगतना पड़ता है।
इस सपने के प्रभाव से मुक्ति पाने के लिए गंगा या फिर किसी अन्य पवित्र नदी के तट पर बैठकर ब्राह्मण द्वारा यज्ञ करवाना चाहिए और ईश्वर से अपने बुरे कर्मों के लिए क्षमा मांगनी चाहिए।
भगवान राम ने सपने आने के काल को भी तीन चौथाई में बांटा है, उनके अनुसार अगर कोई सपना पहली चौथाई में आ जाता है तो वो एक साल के अंदर-अंदर सच हो जाता है, वहीं दूसरी चौथाई में आता है तो अगले छ: महीने में हकीकत बन जाता है वहीं अगर वह सपना तीसरी चौथाई में आता है तो पंद्रह दिन के अंदर-अंदर वह हकीकत बन जाता है।
भगवान राम के अनुसार अगर कोई व्यक्ति पहली चौथाई में अच्छा सपना देखता है तो उसे दोबारा ना सोकर उसी क्षण बिस्तर से उठ जाना चाहिए। क्योंकि अगर सोने के बाद उन्हें कोई बुरा सपना आ जाए तो उसके पूरे होने की संभावना प्रबल हो जाती है। अच्छे सपने से पहले वो बुरा सपना सच हो सकता है।
श्रीराम के अनुसार अगर कोई बुरा सपना आपको बार-बार परेशान कर रहा है और लगातार आपको उसके सच होने की बात से भी डर लगता है तो आपको त्रिदेव की आराधना प्रारंभ कर देनी चाहिए।
चलिए बुरे सपनों के अलावा अब बात करते हैं उन सपनों की जिन्हें शुभ माना जाता है। अगर आप अपने सपनों में महल, किले या ऊंचे पहाड़ देखते हैं तो यह बहुत शुभ है। इसका अर्थ है कि जल्द ही आपके जीवन में खुशियां और समृद्धि आने वाली है।
खुद को गाय, शेरनी या हथिनी का दूध निकालते हुए देखना बहुत अच्छा माना गया है। इस सपने के जरिए आपको स्वयं ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त हुआ है।
सपने में किसी की मौत देखना बहुत शुभ है, खासकर जब वह आपकी अपनी मौत हो। आग में जलना या सिर का कट जाना भी आपकी उम्र को बढ़ाता है।
बुरे और अच्छे सपने हम नींद की अवस्था में देखते हैं। लेकिन कुछ संकेत ऐसे भी हैं जो हम जाग्रत अवस्था में हमें नजर आते हैं। ये संकेत भी हमारे लिए कुछ ना कुछ अवश्य लेकर आते हैं।
अगर घर से बाहर निकलते ही आपको गाय का गोबर, बाल, सूखी घास, राख, टूटा बर्तन, इंसान या जानवर का मृत शरीर नजर आ जाए तो यह एक बुरा संकेत है। आपको अपनी यात्रा स्थगित कर देनी चाहिए और भगवान विष्णु की शरण में चले जाना चाहिए।
अगर आप किसी धार्मिक यात्रा पर निकल रहे हैं और किसी संगीत वाद्य यंत्र की आवाज आपको सुनाई दे गई तो यह एक अशुभ संकेत है। इसके अलावा पीछे से अगर कोई आपका नाम पुकारता है तो भी आपको रुक जाना चाहिए।
किसी कानूनी लड़ाई को लड़ने जा रहे हैं और पीछे से कौए की रोने की आवाज आ जाए तो यह एक बुरा संकेत है। आप लड़ाई तो हारेंगे ही साथ ही जान भी जोखिम में पड़ सकती है, इसलिए आपको भगवान रुद्र की उपासना शुरू कर देनी चाहिए।
अगर कौआ आपको एक आंख से देख रहा है तो अल्पायु या अप्रत्याशित मृत्यु की ओर इशारा करता है।
घर से बाहर निकलते ही सफेद फूल, बकरी, गाय या सोना नजर आता है तो यह एक अच्छा संकेत है जिसका अर्थ है कि आपके साथ कुछ शुभ घटना घटित होने वाली है।
मोर के रोने की और गधे की चिल्लाने की आवाज सुनना या फिर अगर घर से बाहर निकलते ही भैंस आपका रास्ता पार कर जाए तो यह शुभ संकेत है।
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