राहु देने आता है तो केतु लेने ।
राहु देने आता है तो केतु लेने ।
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आज हम राहु केतु के बारे में कुछ और रहस्य की चर्चा करेंगे । हम सब जानते हैं की राहु और केतु का हमारे पिछले जन्मों से और कर्मो से गहरा संबंध है । आप अपनी कुंडली में देख लीजिए कि राहु और केतु कौन सी राशि में स्थित है।
अब मान लीजिए कि आपकी कुंडली में राहु मेष राशि में है और केतु तुला राशि में है तो पुरी मेष राशि राहु zone कहलाएगी और समग्र तुला राशि केतु zone मानी जाएगी । हर वर्ष सूर्य 15 अप्रैल से 15 मई में मेष राशि में आता है तो मेष राशि यानी आपका राहु zone जागृत होता है । इसी तरह हर वर्ष सूर्य 15 अक्टूबर से 15 नवंबर तक तुला राशि में भ्रमण करता है तो तुला के सूर्य में आपका केतु zone जागृत होता है ।
यह तो एक उदाहरण है । आपको तो अपनी खुद की कुंडली में राहु और केतु कहां है वह देखना होगा ।
अब आपकी जिंदगी में अगर ऐसा कोई आता है जिस की जन्म तारीख आपके राहु zone में पड़ती है तो वह इंसान के आने से आपका भाग्य का उदय होगा, आपके अच्छे दिन आएंगे और यह व्यक्ति आपके लिए बहुत लकी साबित होगी। क्योंकि उसके आने से आपका राहु जागृत होता है ।
यह व्यक्ति आपका बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड भी हो सकती है या आप का पति या पत्नी भी हो सकते है । आपका बेटा या बेटी भी हो सकती है या आपका बिजनेस पार्टनर भी हो सकता है ।
बस ऐसा समझ लो कि यह व्यक्ति स्त्री हो या पुरुष, पर वो अपने पिछले जन्मों का कर्म चुकाने आपके पास आई है । इसीलिए आपको दिल से प्यार करेगी, वफादार रहेगी, आप की खूब सेवा भी करेगी और उसके आने से आपकी आर्थिक परिस्थिति भी सुधर जाएगी। यह व्यक्ति आपकी जिंदगी में कुछ देने के लिए आई है, लेने के लिए नहीं।
आपकी जन्म कुंडली में राहु की जो डिग्री है उसके करीब उसका सूर्य आता हो तो ज्यादा लकी आपके लिए होगा । मान लो कि आपका मेष राशि का राहु 6 डिग्री पर बैठा है । अब सूर्य 20 अप्रैल के आसपास मेष राशि में 6 डिग्री का होता है इसीलिए 15 से 25 अप्रैल के बीच जिस की जन्म तारीख होती है ऐसा व्यक्ति आपके लिए ज्यादा लकी साबित होगा । अगर इस तरह राहु zone में बेटी का जन्म होता है तो पिता को बहुत प्रगति होती है और वह बेटी ससुराल जाने के बाद पिता को आर्थिक तकलीफे भी आती है ।
मान लो आपकी लाइफ में अगर ऐसा कोई व्यक्ति आता है जिस की जन्म तारीख आपके केतु zone में पड़ती है तो वह इंसान के आने के बाद आपकी तकलीफे बढ़ जाएगी और वह आपके लिए अनलकी साबित होगा । मतलब आपका केतु जिस राशि में जन्म कुंडली में बैठा हो उसी राशि में उसका सूर्य नहीं होना चाहिए । खास करके आपके केतु की जो डिग्री है उस डिग्री के आगे पीछे 4 डिग्री तक उसका सूर्य नहीं होना चाहिए । क्योंकि उसका आपकी लाइफ में आने से आपका केतु जागृत होता है ।
अगर ऐसी कोई व्यक्ति आती है तो रिलेशन खराब हो जाएंगे । अगर बीवी है तो आपका जीवन क्लेशमय हो जाएगा । शादी के बाद आप की हालत बिगड़ सकती है । वो व्यक्ति जाने अनजाने आपको नुकसान पहुंचाने, आपको टेंशन में रखने, आपके सुख चैन छीनने और आपकी प्रेस्टीज बिगाड़ने के लिए आपकी लाइफ में आई है ऐसा समझना । क्योंकि वह व्यक्ति आपकी लाइफ में आपके कर्मों का बदला लेने आया है या आई है ।
किसी के साथ अगर आप प्यार का रिश्ता बनाते हो तो बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड की जन्म तारीख आपके केतु के आस पास नहीं होनी चाहिए । इसी तरह शादी की प्रपोजल आती है तो भी लड़का या लड़की की जन्म तारीख आपके केतु के आसपास नहीं होनी चाहिए ।
अगर आपके घर में कोई बच्चा पैदा होता है और उसकी जन्म तारीख आपके केतु के आस-पास आती हो तो सावधान हो जाइए ।आगे समय सांसारिक मामलों में खराब आने वाला है । कोई बड़ा साहस या Finance risk नहीं लेना चाहिए यह Destiny की Warning समझना । क्योंकि आपका केतु जागृत होता है तो ये समय अब थोड़ा स्पिरिचुअल या आध्यात्मिक होने का संदेश देता है ।
एक-दो उदाहरण से इस बात को समझने की हम कोशिश करेंगे ।
नाम राजेश । वो बहुत सुखी था बहुत खुश था और शांति से अपनी जिंदगी जी रहा था। उसकी कुंडली में दसवें स्थान में तुला राशि का केतु 7 डिग्री का था। अचानक एक व्यक्ति राजेश की लाइफ में आया जिस की जन्म तारीख 23 अक्टूबर थी। वह बिजनेस की एक अच्छी प्रपोजल लेकर राजेशके पास आया था । 23 अक्टूबर को सूर्य 7 डिग्री के आसपास तुला में होता है मतलब आनेवाली व्यक्ति की जन्म तारीख राजेश के केतु के आसपास आती है तो उस नए व्यक्ति के साथ जुड़ने से राजेश का केतु जागृत होता है ।
बस डेस्टिनी में अपना काम कर दिखाया । राजेश उस व्यक्ति की बातों में आ गया । उसने 50 लाख की बैंक लोन अपने नाम पर ली और पार्टनरशिप में बिजनेस किया और 3 साल में धंधे में बहुत बड़ा नुकसान हुआ और सब जिम्मेदारी राजेश के ऊपर आ गई । नाम और प्रतिष्ठा दाव पे लग गए । आनेवाले व्यक्ति के सूर्य ने राजेश के केतु को जागृत किया ।
कन्या लग्न वाले एक व्यक्ति की कुंडली में पंचम स्थान में मकर राशि का 11 डिग्री का राहु है । 1999 तक वह एक कंपनी में सेल्समैन की जॉब कर रहा था और हर महीने करीबन 12 से 15 हजार कमाता था। 26 January 2000 के दिन उसके घर में बेटी का जन्म हुआ । मार्च 2000 में उस व्यक्ति को मल्टीनेशनल कंपनी में एरिया सेल्स मैनेजर की जॉब मिली और उसकी मासिक इनकम 50 हजार की हो गई । 26 जनवरी को सूर्य मकर में 11 डिग्री आसपास होता है जो उसके राहु की डिग्री है । बेटी के सूर्य ने उसके राहु को जागृत किया ।
राहु और केतु का हमारे पिछले जन्मों के कर्मों के साथ सीधा संबंध होता है और राहु केतु ऋणानुबंध से जुड़े हुए हैं। अगर हमारा राहु या केतु किसी के लग्न, सूर्य, चंद्र या शुक्र के साथ जुड़ते हैं तो उस व्यक्ति के साथ हमारा पिछले जन्मों में कोई ना कोई कनेक्शन जरूर होता है । राहु देता है तो केतु छीन लेता है ।
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